मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने बताया कि न्यू कोलोन इलाक़े में स्थित मस्जिद में शाम छह बजे अज़ान दी जा रही है और यह सिलसिला महामारी के ख़त्म होने तक चलता रहेगा। इसी तरह दूसरी मस्जिदों में भी लाउड स्पीकर पर अज़ान दी जा रही है।
मस्जिद के इमाम ताहा सब्री ने बताया कि बहुत कठिन समय है और इससे निपटने के लिए यह फ़ैसला किया गया है हम अज़ान की आवाज़ बुलंद करके मोमिन और सदाचारी बंदों को नमाज़ की दावत दें और उन्हें यह संदेश दें कि ईश्वर पर भरोसा रखिए।
अज़ान के साथ ही चर्च की घंटी भी बजाई जाती है जिसका उद्देश्य धर्मों के बीच समरसता बढ़ाना है।
मस्जिद के इमाम ने कहा कि शहर के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और उनका कहना है कि इससे हमें सुकून मिलता है।
जर्मनी में मुसलमानों की काउंसिल के सदस्य सद्दीक़ मूसेली का कहना है कि जर्मनी के साथ ही कई यूरोपीय देशों में मस्जिदों से अज़ान दी जा रही है जिसका उद्देश्य लोगों का मनोबल बढ़ाना और मानसिक सुकून पहुंचाना है।